जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध |10 lines on janmashtami in hindi

कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार में से एक है। भगवान विष्णु ने अपना आठवां अवतार श्री कृष्ण के रूप में लिया था और भगवान विष्णु के कृष्ण अवतार के जश्न के रूप में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी पूरे भारत में हर्ष उल्लास के साथ मनाई जाती है कृष्ण जन्माष्टमी अगस्त या सितंबर में मनाई जाती है यह भाद्रपद महीने के अंधेरे पखवाड़े के आठवें दिन मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी या कृष्ण जयंती भी कहा जाता है। आप इस लेख में जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध पढ़ सकते हो। 10 lines on janmashtami in hindi परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्याथियों को तो जरूर से पढ़ना चाहिए।

10 lines on janmashtami in hindi

जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध |10 lines on janmashtami in hindi

  1. यह त्योहार हिंदुओं का एक प्रमुख त्यौहार है यह त्योहार पूरे भारत में हिंदुओं के द्वारा मनाया जाता है।
  2. कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है।
  3. यह कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के बचपन की अनेक लीलाओं की याद दिलाता है। जब वे दही चुराते थे और गोपियों को परेशान करते थे।
  4. श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार प्रेम भक्ति और धार्मिकता का संदेश देता है।
  5. कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का भी संदेश देता है।
  6. श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कृष्ण भगवान की झांकियां बनाई जाती है और भक्तों के द्वारा उनके जन्म के सम्मान में उपवास भी रखा जाता है और भजन गाए जाते हैं।
  7. कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भक्तों के द्वारा दही हांडी नामक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और उसमे भक्तों के द्वारा कार्यक्रम में भाग लिया जाता है।
  8. मथुरा और वृंदावन जो कि श्री कृष्ण की जन्म भूमि है वहां पर यह त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
  9. कृष्ण जन्माष्टमी के दिवस पर राष्ट्रीय छुट्टी दी जाती है।
  10. कृष्ण जन्माष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी व कृष्ण जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

कृष्ण जन्माष्टमी पर हिंदी में निबंध: कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के जन्म के उपलक्ष में मनाई जाती है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था इसलिए यह त्यौहार मथुरा और वृंदावन में विशेष रूप से मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के सम्मान में भक्तों के द्वारा उपवास रखा जाता है और मंदिरों में उनकी झांकियां बनाई जाती है। भक्तों के द्वारा भजन कीर्तन किए जाते हैं।

जन्माष्टमी का त्योहार भक्ति प्रेम और धार्मिकता का संदेश देता है। जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण किया जाता है जैसे- उनका माखन चुरा कर खाना। यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म पर अधर्म की जीत का प्रतीक है। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण के भक्त विशेष रूप से दही हांडी नामक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं और उसमें भाग लेते हैं। यह त्यौहार भाद्रपद महीने के अंधेरे पखवाड़े के आठवें दिन मनाया जाता है जो कि अगस्त या सितंबर में पड़ता है।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अन्य नाम: श्री कृष्ण जयंती, कृष्ण जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है।

भगवान श्री कृष्ण के पांच नाम: भगवान श्री कृष्ण के पांच नाम इस प्रकार है। मुरलीधर, माधव, गोविंद, कृष्ण और गोपाल।

भगवान श्री कृष्ण के इन पांच नाम का अपना एक अलग अर्थ है। यह पांच नाम भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं।

मुरलीधर का अर्थ होता है “बांसुरी बजाने वाला”, माधव का अर्थ होता है “माया के स्वामी”, गोविंदा का अर्थ है “इंद्रियों का स्वामी”, कृष्ण का अर्थ है “आकर्षक” और गोपाल का अर्थ होता है “गोमो का रक्षक”।

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कृष्ण जन्माष्टमी पर निबंध 300 शब्दों में

कृष्ण जन्माष्टमी श्री कृष्ण के जन्म के उपलक्ष में मनाई जाती है। श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। जो की अगस्त्य सितंबर में आता है। श्री कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं और उनके जन्म के उपलक्ष में जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाता है। यह त्यौहार हिंदुओं के द्वारा उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इसका बहुत महत्व है। कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव आधी रात को मनाया जाता है क्योंकि माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ था। कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष में भक्तों के द्वारा श्रद्धा भाव से आधी रात तक उपवास रखा जाता है।

इस दिन भगवान श्री कृष्ण की झांकियां बनाई जाती है जिसमें छोटे बच्चों को राधा व कृष्ण के रूप में तैयार किया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी एक ऐसा त्यौहार है जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं और कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कृष्ण लीलाएं भी की जाती है जैसे की दही हांडी का फोड़ना। कृष्ण जन्माष्टमी भक्तों के द्वारा भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम वह भक्ति का प्रमाण है।

यह हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार में से एक है। और पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कृष्ण भगवान के मंदिरों को फूलों और रोशनी व अन्य अन्य सामग्री से सजाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास करते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं। मंदिरों में भजन कीर्तन भी किए जाते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी मनाने के कई अलग-अलग तरीके हैं कुछ लोग ऐसे ग्रंथ पढ़ते हैं जो कृष्ण के जीवन की कहानी बताते हैं जबकि कुछ लोग उसकी प्रशंसा में भजन गाते हैं। भारत के कुछ हिस्सों में कृष्ण लीला के माध्यम से कृष्ण के जन्म की कहानियों का प्रदर्शन भी किया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन एक दूध बधाई से भरी हुई हांडी को भी फोड़ा जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी बुराई पर अच्छाई का प्रतीक और अधर्म पर धर्म का प्रतीक है।

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