शिक्षक दिवस पर 10 लाइन का निबंध | Teachers day 10 lines in hindi

Teachers day 10 lines | शिक्षक दिवस पर 10 लाइन का निबंध: भारत में हर साल 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है।  यह दिन शिक्षकों के समर्पण मार्गदर्शन वह योगदान के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है। इस दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती होती है। शिक्षक दिवस के दिन सभी विद्यार्थी अपने अलग-अलग तरीकों से शिक्षकों के प्रति प्यार व सम्मान जाहिर करते हैं। शिक्षक दिवस के दिन स्कूलों में कहीं तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है । शिक्षक दिवस का यह दिन गुरु और शिष्य के रिश्ते के लिए खास दिन होता है। 5 सितंबर 1962 से राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के शिक्षा वादी संवाहक और महान दार्शनिक थे डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे। Besthindipost.in मंच पर हम 10 महत्वपूर्ण लाइन लिखते हैं। हमने इस लेख में भी शिक्षक दिवस पर 10 लाइन लिखी है जिसकी मदद से विद्यार्थियों  को निबंध लिखने में आसानी होगी।

(Set 1) शिक्षक दिवस पर 10 लाइन

1. शिक्षक दिवस भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन पहले उपराष्ट्रपति या दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होता है। यह दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को ही समर्पित है।

2. शिक्षक हमारे जीवन को आकार देता है।और हमारे बेहतर भविष्य का निर्माण करते हैं।

3. शिक्षक हमें जीवन में सफलता के लिए ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। शिक्षा में एक अच्छा नागरिक बनाने में भी मदद करते हैं।

4. शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को शिक्षा के योगदान के लिए याद किया जाता है। शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य शिक्षकों की सराहना करना है।

5. शिक्षक हमारे अंदर संस्कार ज्ञान बुद्धि और वास्तविकता के मूल्यों का संचार करते हैं। शिक्षक हमारी शैक्षिक यात्रा के दौरान हमारा मार्गदर्शन समर्थन और प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।

6. शिक्षक दिवस के दिन विद्यार्थी अपने अलग-अलग तरीके से शिक्षकों के प्रति सम्मान और प्यार जाहिर करते हैं। शिक्षक दिवस के दिन स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

7. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक बहुत अच्छे शिक्षक थे। जब कुछ छात्रों ने उनके जन्मदिन को एक विशेष दिन के रूप में बनाने के लिए उनसे संपर्क किया तो उन्होंने छात्रों से अनुरोध किया गई 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए ताकि समाज में शिक्षकों के योगदान समर्पण और शिक्षकों को सम्मान मिलता रहे।

8. शिक्षक दिवस शिक्षा के महत्व और हमारे जीवन पर इसके सकारात्मक प्रभाव की याद दिलाता है।

9. पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार दिया गया था डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इन्हें ब्रिटिश सरकार ने 1931 में सर की उपाधि के साथ नाइटहुड से सम्मानित किया।

10. विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है और दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में अलग-अलग तारीख पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यूनेस्को ने 1994 में शिक्षकों द्वारा किए गए उनके अच्छे कार्यों की सराहना के लिए वह उन्हें सम्मान देने के लिए 5 अक्टूबर को विश्व स्तर पर विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मानने को लेकर मान्यता दी है।

(Set 2) Teachers day 10 lines in hindi

Teachers day 10 lines

  1. शिक्षक दिवस को हर साल 5 सितंबर के दिन मनाया जाता है।
  2. यह पूरे भारत देश में मनाया जाता है।
  3. यह शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है।
  4. इस दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म दिवस होता है।
  5. वह भारत देश के एक महान विद्वान और आदर्श शिक्षक थे।
  6. वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे।
  7. यह दिवस पहली भार 5 सितंबर 1962 को मनाया गया था।
  8. इस दिन कुछ महान शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाता है।
  9. इस दिन छात्र अपने शिक्षक को उपहार देते हैं।
  10. हमें हमेशा अपने शिक्षक का सम्मान करना चाहिए।

शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों में

शिक्षक दिवस पर निबंध: यूनेस्को ने 1994 में शिक्षकों के कार्य की सराहना के लिए वह शिक्षकों को सम्मान देने के लिए 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाने को लेकर मान्यता दी है। इसलिए विश्व शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है। लेकिन अलग-अलग देश में शिक्षक दिवस अलग-अलग तारीख को मनाया जाता है। भारत में हर साल शिक्षक दिवस डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर यानी की 5 सितंबर को मनाया जाता है। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन केवल भारत के राष्ट्रपति ही नहीं वह एक महान शिक्षक के रूप में भी उभर कर सामने आए डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया।
एक गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्मे डॉ राधाकृष्णन जी की आर्थिक स्तिथि बहुत खराब थी इस लिए उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा छात्रवृत्ति के माध्यम से पूरी की थी।

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शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक का हर एक इंसान के जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है। एक शिक्षक ही है जो किसी मनुष्य को एक अच्छा इंसान बनाता है। शिक्षक का स्थान मानव जीवन में भगवान और माता-पिता से भी ऊपर है। यही कारण है कि शिक्षक के बारे में जितना भी कहा जाए कम ही पड़ता है। कबीर दास जी ने भी इस विषय पर कुछ लाइन लिखी है:

सब धरती कागज करूँ, लिखनी सब बनराय।
सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय॥

इन लाइनों का अर्थ यह है कि यदि संपूर्ण पृथ्वी को कागज के रूप में परिवर्तित कर दिया जाए और साथ ही सातों समुद्रों के स्याही बना ली जाए और सभी जंगलों की कलम बना ली जाए लेकिन इसके बावजूद भी शिक्षक की महिमा का गुणगान किया जाना संभव नहीं है इसलिए ही कहा जाता है कि-
गुरुब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुर्साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः॥

शिक्षक अपने शिष्यों के जीवन के निर्माण के साथ-साथ उनके चरित्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माना जाता है कि इंसान की सबसे पहले गुरु उसकी मां होती है जो अपने बच्चों को जीवन प्रदान करने के साथ-साथ उसे जीवन के आधार का ज्ञान भी करती है इसके बाद अन्य शिक्षकों का स्थान होता है। किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करना एक बहुत ही कठिन और विशाल कार्य होता है जैसे कुम्हार मिट्टी से बर्तन बनाने का कार्य करता है ठीक उसी प्रकार एक शिक्षक अपने छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण भी करता है इसलिए कवि ने कुछ लाइन लिखी है:
गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि -गढ़ि काढ़े खोट।
अन्तर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।।
कबीर दास जी ने इस दोहे में कहा है कि शिक्षक उसे कुम्हार की तरह है जो अपने घड़े रूपी छात्र की कमियों को दूर करने के लिए भीतर से हाथ का सहारा देकर बाहर से थापी से चोट करता है इसी प्रकार शिक्षक भी कभी-कभी छात्र पर क्रोध करके उसके चरित्र का निर्माण ही करते हैं।

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