विद्यार्थियों आप भी ढूंढ रहे हो चंद्रशेखर आजाद के बारे में 10 लाइन तो आपका हम इस लेख में स्वागत करते हैं। इस लेख में हमने चंद्रशेखर आजाद पर 10 लाइन का बहुत ही सुंदर निबंध लिखा है जिसे आपको अवश्य पढ़ाना चाहिए। चंद्रशेखर आजाद हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका सपना था कि वह भारत को स्वतंत्र देश बनाएं।
(Set 1) चंद्रशेखर आजाद के बारे में 10 लाइन

- चंद्रशेखर आजाद भारत के एक महान व्यक्ति थे।
- वह आजाद नाम से बहुत प्रसिद्ध है।
- चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश में हुआ था।
- उनके पिताजी पंडित सीताराम तिवारी थे।
- उनकी मां का नाम जगरानी देवी था।
- वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे।
- उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
- वह कभी भी अंग्रेजों के पकड़ में नहीं आए थे।
- उन्होंने 27 फरवरी 1931 को खुद को गोली मार ली।
- भारत देश को आज भी चंद्रशेखर आजाद जी पर गर्व है।
(Set 2) Chandra shekhar azad par 10 lines in hindi

- चंद्रशेखर आजाद हमारे देश भारत के एक महान व्यक्ति थे।
- उन्हें आजाद नाम से जाना जाता है।
- 23 जुलाई 1906 के दिन उनका जन्म हुआ था।
- चंद्रशेखर आजाद का जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पिताजी का नाम पंडित सीताराम तिवारी था।
- उनकी मां का नाम जगरानी देवी था।
- वह भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे।
- उन्होंने ब्रिटिश शासन का जमकर विरोध किया और उससे कई लड़ाइयां लड़ी।
- अंग्रेज उन्हें पकड़ना चाहते थे लेकिन वह अंग्रेजों के कभी भी पकड़ में नहीं आए।
- उन्होंने 27 फरवरी 1931 के दिन खुद को गोली मार ली।
- हम सब को आज भी चंद्रशेखर आजाद पर गर्व है।
(Set 3) चंद्रशेखर आजाद के बारे में 10 लाइन हिंदी में

- चंद्रशेखर आजाद हमारे भारत देश के एक महान क्रांतिकारी नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे।
- चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश राज्य में हुआ था।
- चंद्रशेखर आजाद का वास्तविक नाम चंद्रशेखर तिवारी था।
- उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी और माता जी का नाम जगरानी देवी था।
- उन्होंने भारत देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने का दृढ़ संकल्प लिया था ।
- महात्मा गांधी जी द्वारा चलाए गए असहयोग आंदोलन में भी चंद्रशेखर आजाद ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।
- चंद्रशेखर आजाद को भगत सिंह के गुरु के रूप में भी जाना जाता है।
- चंद्रशेखर आजाद ने अपनी मां की इच्छा पूरी करने के लिए काशी विद्यापीठ बनारस से शिक्षा प्राप्त की।
- चंद्रशेखर आजाद ने यह कसम खाई थी कि उन्हें ब्रिटिश सरकार जीते जी कभी भी गिरफ्तार नहीं कर सकती।
- 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अफ्रेड पार्क में ब्रिटिश सेना का बहादुरी से सामना करते हुए उन्होंने अंतिम गोली स्वयं को मार ली।
(Set 4) चंद्रशेखर आजाद के बारे में 10 वाक्य
- चंद्रशेखर आजाद भारत देश के एक महान क्रांतिकारी थे।
- लोग उन्हें आजाद के नाम से भी बुलाते थे।
- चंद्रशेखर आजाद ने भारत की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
- ब्रिटिश सरकार का विरोध करने और क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लेने के कारण चंद्रशेखर आजाद को 15 वर्ष की आयु में पहली बार जेल की सजा हुई।
- भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में चंद्रशेखर आजाद ने भगत सिंह राजगुरु, सुखदेव के साथ मिलकर अनेक क्रांतिकारी कार्य किए।
- ब्रिटिश पुलिस चन्द्र शेखर आजाद को जिंदा या मुर्दा किसी भी हालत में पकड़ना चाहती थी।
- इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में 27 फरवरी 1931 में चंद्रशेखर आजाद अपने सहयोगी से मिलने गए थे तभी उन्हें पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया और उनपर गोलियां बरसाने लगी।
- चंद्रशेखर आजाद ने वीरता पूर्वक ब्रिटिश पुलिस का सामना किया और तीन पुलिस कर्मियों को मार गिराया।
- पुलिस ने चारों ओर से घेर लेने के कारण निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था इस वजह से चंद्रशेखर आजाद ने खुद को गोली मार ली और मृत्यु को गले लगा लिया।
- चंद्रशेखर आजाद का यह बलिदान सदा ही भारत देशवासियों को उनकी याद दिलाता रहेगा और देश प्रेम की सीख देता रहेगा।
(Set 5) चंद्रशेखर आजाद पर 10 लाइन
- चंद्रशेखर आजाद भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे।
- उनका जन्म 23 जुलाई 1906 के दिन मध्य प्रदेश राज्य के झाबुआ जिले के भाबरा नामक स्थान पर हुआ था।
- उनके पिता का नाम सीताराम तिवारी और माता का नाम जगरानी देवी था।
- उन्होंने वाराणसी से संस्कृत पाठशाला में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की।
- उन्होंने 15 साल की उम्र में ही महात्मा गांधी जी के साथ असहयोग आंदोलन में भाग लिया।
- उन्होंने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना की थी।
- उनका मुख्य उद्देश्य अपने भारत देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराना और एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाना था।
- 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद (प्रयागराज) के अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश सेना ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
- ब्रिटिश सेना का बहादुर से सामना करते हुए उन्होंने मात्र 24 वर्ष की आयु में आखिरी गोली स्वयं को मार ली।
- चंद्रशेखर आजाद ने जो बलिदान दिया है इस वजह से भारत देश में उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
चंद्रशेखर आजाद के बारे में कुछ लाइन
भारत देश की स्वतंत्रता संग्राम में अपनी भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश राज्य के झाबुआ जिले के भाबरा गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित सीताराम तिवारी एवं माता का नाम जगरानी थी।
चंद्रशेखर आजाद 14 वर्ष की आयु में बनारस (वाराणसी) आ गए और वहां एक संस्कृत पाठशाला में आजाद ने पढ़ाई की। 15 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर आजाद ने गांधी जी द्वारा चलाए गए असहयोग आंदोलन में भाग लिया।
उन्होंने संकल्प किया था कि वे कभी भी अंग्रेजों द्वारा पकड़े नहीं जाएंगे और न ब्रिटिश सरकार उन्हें उनके जीवन में फांसी दे सकेगी। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने 27 फरवरी, 1931 को अलफ्रेड पार्क, इलाहाबाद (प्रयागराज) में अंग्रेजी सेना द्वारा घेरे जाने पर स्वयं को गोली मारकर मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति दे दी।