महात्मा गांधी पर निबंध 1000 शब्दों में, 500 शब्दों में, 300 शब्दों में | Mahatma Gandhi Par Nibandh

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महात्मा गांधी पर निबंध 1000 शब्दों में | Mahatma Gandhi Nibandh

Set 1 (महात्मा गांधी पर निबंध 300 शब्दों में)

Mahatma Gandhi Par Nibandh

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतली बाई था। इनका विवाह 15 वर्ष की आयु में हुआ उनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था। गांधी जी ने बैरिस्टर बनने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से क़ानून की पढ़ाई की। अंग्रेजों भारत छोड़ो है यह बापू का नारा था लेकिन बापू हिंसा के खिलाफ थे। आजादी में बापू के योगदान के कारण उन्हें राष्ट्रपिता का ओहदा दिया गया है। बापू साधारण जीवन जीना पसंद करते थे। वह चरखा चलाकर सूट बनाते थे और उसी से बनी धोती पहना करते थे। गांधी जी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 को हुई थी। नई दिल्ली के राजघाट में उनकी समाधि आज भी स्थित है।

Set 2 (महात्मा गांधी पर निबंध 200 शब्दों में)

महात्मा गांधी जी भारत के एक महान नेता थे उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात राज्य के पोरबंदर गांव में हुआ था। महात्मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था और उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था।

गांधी जी का विवाह 13 वर्ष की आयु में ही हो गया था उनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था। हम गांधी जी को बापू और राष्ट्रपिता भी कहते हैं। गांधी जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में और अपनी वकालत की शिक्षा लंदन में प्राप्त की थी। उस समय भारत पर अंग्रेजों का शासन हुआ करता था और महात्मा गांधी जी ने भारत को आजाद करवाने के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ व देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए सविनय अवज्ञा आंदोलन, असहयोग आंदोलन, नागरिक अवज्ञा आंदोलन, दांडी मार्च यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बहुत से आंदोलन चलाए थे। आखिरकार महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में कई कोशिशें के कारण देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली।

भारत देश की आजादी के लिए गांधी जी ने बहुत बड़ा योगदान दिया और उन्होंने देश को आजाद करवाने के लिए सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया। अहिंसा का मार्ग अपनाने के कारण गांधी जी को हम सब अहिंसा का पुजारी भी कहते है। गांधी जी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में हुई। महात्मा गांधी जी एक महान व्यक्तित्व के धनी थे। गांधी जी बहुत बड़े आदर्शवादी थे और आज भी हम उनके विचारों को अपनाकर समाज में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।

Set 3 (महात्मा गांधी पर निबंध 500 शब्दों में)

महात्मा गांधी भारत के एक महान नेता थे उनका जन्म 2 अक्टूबर.1869 को गुजरात के पोरबंदर गांव में हुआ था। उनकी माता का नाम पुतलीबाई और पिता का नाम करमचंद गांधी था।

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। हम उन्हें बापू और राष्ट्रपिता के नाम से भी जानते है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में और वकालत की शिक्षा लंदन में हुई थी। उनका विवाह 13 वर्ष की आयु में कस्तूरबा से हुआ था। महात्मा गांधीजी का हमारे देश को अंग्रेजो की गुलामी से आजाद करवाने में महत्वपूर्ण योगदान था।
वे हिंसा के विरोधी थे उन्होंने हमेशा अहिंसा का रास्ता अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने ब्रिटिशों के खिलाफ कई आंदोलन किए। जिसमें चंपारण आंदोलन,खिलाफत आंदोलन, नमक आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन आदि मुख्य रूप से शामिल है। गांधीजी हमेशा सादा जीवन जीने और उच्च विचार रखने में विश्वास रखते थे। उन्होंने गांव का विकास सामाजिक स्वतंत्रता और स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग आदि पर जोर दिया।

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को गांधीवादी युग भी कहा जाता है। दुर्भाग्यवश 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी जी ने अंतिम सांस ली। उनका जीवन और कार्य आज भी हमे प्रेरणा देता है।

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Set 4 (महात्मा गांधी पर निबंध 1000 शब्दों में | Mahatma Gandhi Essay in Hindi)

परिचय –

भारत ऋषि-मुनियों, संतों एवं महात्माओं का देश है विकट एवं संकट काल से देश को उबारने में ऐसे ही महापुरुषों का योगदान रहा है।भारत मां को पराधीनता की बेड़ियों से छुड़ाने के लिए महात्मा गांधी का जन्म हुआ। इन्होंने सत्य एवं अहिंसा के बलबूते महान सम्राज्यवादी ब्रिटिश शासन से भारत को मुक्ति दिलाई। उन्होंने सत्य व अहिंसा के

जन्म एवं शिक्षा

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई. को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान में हुआ था। इनकी माता का नाम पुतली बाई और पिता का नाम करमचंद गांधी था गांधी जी की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही संपन्न हुई इन्होंने राजकोट से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की बाद में वे विलायत से बैरिस्टरी की परीक्षा पास की।

कार्य –

सन् 1893 ई. में गांधी जी एक कंपनी के मुकदमे की पैरवी करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में एक वकील के रूप में गए। उन्होंने वहां के कार्यक्रमों के विरुद्ध सत्याग्रह किया जिसमें उन्हें सफलता भी मिली।

भारतीय राजनीति में प्रवेश –

सन् 1916 ई. में गांधी जी स्वदेश लौटे उन दिनों गोपाल कृष्ण गोखले कांग्रेस के गणमान्य सदस्य थे उनकी अपील पर गांधी जी कांग्रेस में शामिल हो गए।

स्वतंत्रता आंदोलन में प्रवेश –

1920 ईस्वी में उन्होने असहयोग आंदोलन प्रारंभ किया जिसमें भारत के प्रत्येक नागरिक ने प्रत्यक्ष रूप से अपना समर्थन दिया। 1929 ईस्वी में गांधी जी ने रावी नदी के किनारे कांग्रेस के अधिवेशन में पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। 1930 ई. में इन्होंने नमक कानून के विरुद्ध दांडी यात्रा प्रारंभ की। 1942 ईस्वी में गांधी जी भारत छोड़ो आंदोलन जिस में गांधी जी के प्रयासों से ब्रिटिश शासक देश को स्वतंत्र करने के लिए राजी हो गई।

मृत्यु –

30 जनवरी 1948 ई. को नाथूराम गोडसे ने एक प्रार्थना सभा में गोली मारकर गांधी जी की हत्या कर दी। उनके अचानक निधन से सारा देश शोक के सागर में डूब गया था।

उपहार –

गांधी जी है भले ही आज हमारे बीच नहीं हो किंतु उनके विचार प्रासंगिक है तथा पूरी दुनिया को रास्ता दिखाते हैं। आज गांधी दिवस (2 अक्टूबर) को पूरे विश्व में अहिंसा दिवस के रूप में तथा भारत में गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है तथा इस दिन को राष्ट्रीय त्योहार की मान्यता प्राप्त है।

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Last Word:-मुझे आशा है कि आपको इस लेख में लिखा गया महात्मा गांधी पर निबंध पसंद आया होगा। अगर आपको यह Mahatma Gandhi Par Nibandh वाला लेख पसंद आया है तो आप इस लेख को अपने अच्छे सच्चे दोस्तो के साथ भी शेयर कर सकते हो।

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